जानिये किन गाड़ियों का होगा 22 अगस्त को भारत क्रैश टेस्ट

भारत NCAP क्रैश टेस्ट असेसमेंट प्रोग्राम

इंडियन ऑटोमोटिव इंडस्ट्री अब तैयार है सिग्नीफिकेंट माइलस्टोन को पाने के लिए। भारत में भी अब NCAP प्रोग्राम को लाया जा रहा है। भारत नई कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत NCAP) क्रैश टेस्ट असेसमेंट प्रोग्राम को 22 अगस्त को भारत में लाया जायेगा। यह कार्य भारतीय मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड, ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे दवारा किया जायेगा। ऐसा करके भारत सरकार भारत में भी गाड़ियों के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पहले से भी ज्यादा बेहतर बनाना चाहा रही है। आइये जानते है इस भारत NCAP क्रैश टेस्ट प्रोग्राम के बारे में ।

सुरक्ष के ओर एक कदम

NCAP क्रैश टेस्ट
NCAP क्रैश टेस्ट

भारत NCAP भारतीय सड़कों पर वाहनों की सुरक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनने की ओर अग्रसर है। इस प्रोग्राम में आपको ग्लोबल क्रैश टेस्ट रेटिंग के स्टैंडर्ड्स देखने को मिल जाते है। इस कार क्रैश टेस्ट में हर एक गाडी को हर एक टेस्ट में 1 से 5 के बिच की स्टार रेटिंग दी जाएगी। हर एक सब्जेक्ट कार पे कई सारे विभिन प्रकार के प्रकिक्षणं किये जायेंगे, इन सभी अलग अलग प्रकार के टेस्ट में गाडी के ढांचे की सेफ्टी, एक्टिव और पैसिव सेफ्टी असिस्ट टेक्नोलॉजीज की जांच, पेडेस्ट्रियन फ्रेंडली डिज़ाइन और एडल्ट व चाइल्ड सेफ्टी जैसी चीज़ो का निरिक्षण किया जायेगा।

पात्रता मापदंड

भारत NCAP क्रैश टेस्ट प्रोग्राम के तहत, गाड़ियों को कुछ स्पेसिफिक पैमानों पे खड़ा उतरना होगा, तो जाके ही वह गाडी क्रैश टेस्ट के लिए योग्य मानी जाएगी। इन पीमनो में कुछ ऐसे पैमाने शामिल है, जैसे की गाडी कम से कम 8 लोगो को बैठा सके, गाडी का ग्रॉस वजन 3.5 टन से कम होना चाहिए और यह गाडी या तो भारत में बानी होनी चाहिए या तो इम्पोर्ट करी होनी चाहिए। इस प्रोग्राम के अंदर बहुत सारी अनेक प्रकार की गाड़िया शामिल होती है, जैसे पेट्रोल, डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़िया।

बढ़ेगा भारतीय एक्सपोर्ट

NCAP क्रैश टेस्ट
NCAP क्रैश टेस्ट

भारतीय ग्राहको की सुरक्षा के अल्वा, भारत NCAP क्रैश टेस्ट प्रोग्राम का लक्ष्य भारतीय गाड़िया जो की एक्सपोर्ट करी जाती है, उनकी एहमियत को बढ़ाना भी है। जब भारत में बानी गाड़ियों पे ग्लोबल स्टैण्डर्ड के टेस्ट किये जायेंगे तो अच्छी रेटिंग पाने पे, भारत में बानी गाड़ियों की रेपुटेशन अपने आप ही इंटरनेशनल मार्किट में बढ़ने लगेगी। ऐसा करके भारत साकार इंडियन गाड़ियों की ग्लोबल मार्किट में डिमांड को बढ़ाना चाहती है, जिस से की भारतीय एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को भी बहुत ज्यादा लाभ होगा। और देश धान कोष में विदेशी धान राशि आएगी।

निष्कर्ष

जैसे जैसे भारत NCAP क्रैश टेस्ट भारतीय गाड़ियों पे अपने टेस्ट करना शुरू करेगा, वैसे वैसे भारत में भी सभी मैन्युफैक्चरर अपनी गाड़ियों में सेफ्टी को भी पहले से ज्यादा एहमियत देना शुरू करेंगी। इसके अल्वा वोलंटरी क्रैश टेस्टिंग के मदद से सभी मैन्युफैक्चरर के पास यह अवसर होगा की वो उनकी गाड़ियों की सेफ्टी को दिखा सके और मार्किट में सभी ग्राहकों का दिल जीत सके। भारत सरकार का यह कदम न केवल सिर्फ भारतीय ग्राहकों के लिए एक अच्छी ख़राब है, पर साथ ही यह भारत देश की गाड़ियों छवि को ग्लोबल स्तर पे भी बेहतर बनाने में कारगर होगा।

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